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यादे

by 05:36
गुमशुम, चुप चाप बैठा न जाने क्या हो जाता क्षिन्गुर बोल उठते उपवन में आश जग जाता जब भी मैं सोचता कही सैर कर आऊ पर न जाने क्या हो जाता...Read More
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