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नारी स्वंत्रता

by 07:35
जब भी मैं सोचता मै कौन हु तभी स्मरण हो जाता उपवन में उड़ता एक परिंदा मन तो स्वातंत्र बिचरण करता पर न जाने क्या हो जाता तभी मै सोचता ...Read More
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